NEWS UPDATE

Blogger Tips and TricksLatest Tips And TricksBlogger Tricks

Sunday, 3 April 2016

❇ ओशोद्वारा कहा गया " अवधान" के अभ्यास का प्रयोग ❇ थोड़े दिन एक छोटा-सा अभ्यास करके देखें। घड़ी रख लें अपने हाथ की खोल के सामने। उसका जो सेकेंड का कांटा है, उस पर ध्या

❇ ओशोद्वारा कहा गया "
अवधान" के अभ्यास का प्रयोग ❇

थोड़े दिन एक छोटा-सा अभ्यास करके देखें। घड़ी रख लें अपने हाथ की खोल के सामने। उसका जो सेकेंड का कांटा है, उस पर ध्यान रखें। बाकी पूरी घड़ी को भूल जाएं, सिर्फ सेकेंड के कांटे को घूमते हुए देखें।

वह एक मिनट में, या साठ सेकेंड में एक चक्कर पूरा करेगा। एक मिनट का अभ्यास करें, कोई तीन सप्ताह में अभ्यास आपका हो जाएगा कि आपको घड़ी के और कांटे खयाल में नहीं आएंगे, और आंकड़े खयाल में नहीं आएंगे, अंक खयाल में नहीं आएंगे। डायल धीरे-धीरे भूल जाएगा, सिर्फ वह सेकेंड का भागता हुआ कांटा आपको याद रह जाएगा।

जिस दिन आपको ऐसा अनुभव हो कि अब मैं एक मिनट सेकेंड केकांटे पर ध्यान रख सकता हूं, आपने बड़ी कुशलता पायी जिसकी आपको कल्पना भी नहीं हो सकती।अब आप दूसरा प्रयोग शुरू करें। ध्यान सेकेंड के कांटे पर रखें और भीतर एक से लेकर साठ तक की गिनती बोलें—ध्यान कांटेपर रखें, और भीतर एक, दो, तीन, चार से साठ तकगिनती बोलें, साठ या जितना हो सके,

एक मिनटमें—सौ हो सके तो सौ। तीन सप्ताह में आप कुशल हो जाएंगे, दोनों काम एक साथ डबल ट्रैक पर शुरू हो जाएगा। ध्यान कांटे पर भी रहेगा और ध्यान संख्या पर भी रहेगा। अब आप तीसरा काम शुरू करें। ध्यान कांटे पर रखें, भीतर एक से सौ तक गिनती बोलते रहें और कोई गीत की कड़ी गुनगुनाने लगें, भीतर।

तीन सप्ताह में आप पाएंगे, तीन ट्रैक पर काम शुरू हो गया। ध्यान कांटे पर भी रहेगा, ध्यान आंकड़ों पर भी रहेगा, संख्या पर भी रहेगा, गीत की कड़ी पर भी रहेगा। अब आप जितने चाहें उतने ट्रैक पर धीरे-धीरे अभ्यास कर सकते हैं।

आप सौ ट्रैक पर एक साथ अभ्यास कर सकते हैं। और सौ काम एक साथचलते रहेंगे—पर्त-पर्त। यही अवधान है। इसका अभ्यास कर लेने पर आप मदारीगिरी कर सकते हैं। जैन साधु करते हैं, वह सिर्फ मदारीगिरी है। उसका कोई मूल्य नहीं है।

महावीर वाणी, भाग-१,
प्रवचन-१३, ओशो

No comments:

Post a Comment